“अनिकपेन्द्र इन्द्राणी इन्द्राणी” शब्द कहकर अन्त में “अरिणी ईशानी” शब्द बोले तथा तुपक के सभी नाम जान ले ।।१२४५।।
(पहले) 'नगीना (ऐरावत) नह इस्नी इस्नी' (शब्द) का पाठ करें।
इसके अंत में 'मथानी' शब्द जोड़ें।
इसे जानो! इसे अपने दिल में तुपक के नाम के रूप में स्थापित करो।
“नागिनाहिना ईशानी” शब्द बोलते हुए, अंत में “मथानी” शब्द जोड़ें और पुस्तकों में उनका उल्लेख करने के लिए तुपक के सभी नामों को जानें।१२४६।
सबसे पहले 'हरि पति' (एरावत) 'पति पति पत्नी' (शब्द) का पाठ करें।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द का प्रयोग करें।
(यह) सबसे चतुर लोगो है! अपने मन में बूंद का नाम समझ लो।
सर्वप्रथम “हरपति पति पति पत्नी” शब्द बोलकर अंत में “अरिणी” शब्द जोड़ दें तथा कविता के छंद में चतुराई से उनका प्रयोग करने के लिए तुपक के सभी नामों को जान लें।१२४७।
चौपाई
(प्रथम) 'गजपति (एरावत) निरपाणि' का पाठ करें।
फिर 'नृपाणि अरिणि' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
“गजपति नृपाणि नृपाणि” शब्द बोलते हुए “नृपाणि आरिणी” शब्द जोड़ें तथा दोहरा और चौपाई में प्रयोग करने के लिए तुपक के सभी नाम जानें।१२४८।
अधिचोल
(प्रथम) 'सवज निरीप (एरावत) निरीप निरीपति निरीपाननि' का पाठ करें।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझिए।
“सावज् नृप नृप नृपति नृपाणि” शब्दों को कहकर अन्त में “अरिणी” शब्द लगा दे तथा तुपक के असंख्य नामों को जानकर काव्य के छंदों में उनका प्रयोग करे ।।१२४९।।
चौपाई
सबसे पहले 'मतंग' (हाथी) शब्द बोलें।
(फिर) 'नृप' शब्द चार बार जोड़ें।
उस वक्तव्य के अंत में 'अरिनी' लिखा है।
सर्वप्रथम ‘मातंग’ शब्द बोलकर चार बार ‘नृप’ शब्द जोड़कर अन्त में ‘अरिणी’ शब्द बोलें तथा तुपक के सभी नाम जान लें।।१२५०।।
पहले 'ज्ञानदान' शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) 'नृप' शब्द चार बार जोड़ें।
फिर इसमें 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
पहले “गयन्दन” शब्द बोलकर, चार बार “नृप” शब्द जोड़ें, फिर “अरिनिया” शब्द जोड़ें और तुपक के सभी नाम जान लें।।१२५१।।
सबसे पहले 'हॉक' शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) 'नृप' शब्द चार बार जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
‘बाजी’ शब्द का उच्चारण करके फिर ‘नृप’ शब्द को चार बार जोड़कर तुपक के नामों को बिना किसी भेदभाव के पहचानो।।१२५२।।
सबसे पहले 'बाह' शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) 'नृप' शब्द चार बार जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
'बाहु' शब्द कहकर 'नृप' शब्द के चार फर्मा जोड़ दें तथा इच्छानुसार प्रयोग करने के लिए तुपक के सभी नाम जान लें।1253.
सबसे पहले 'तुरंग' शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) 'नृप' शब्द चार बार जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
सर्वप्रथम ‘तुरंग’ शब्द बोलकर ‘नृप’ शब्द चार बार जोड़ें तथा इच्छानुसार प्रयोग करने के लिए तुपक के सभी नामों को जान लें।1254.
पहले 'है' (उच्चश्रवा घोड़ा) पद मुख कहें।
(फिर) 'नृप' शब्द चार बार जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
“हय” शब्द बोलकर “नृप” शब्द चार बार जोड़ो और तुपक के सभी नाम जान लो ।।१२५५।।
सबसे पहले 'थ्री' (पृथ्वी) शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) 'नृप' शब्द चार बार बोलो।
इसके अंत में 'अरी' शब्द बोलें।
पहले ‘बारी’ शब्द, फिर चार बार ‘नृप’ शब्द बोलकर और अंत में ‘अरि’ शब्द बोलकर तुपक नाम जानें ।।१२५६।।