सबसे पहले 'धनुखानी' शब्द का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'शत्रु' शब्द जोड़ें।
(इससे) सभी चतुर लोग अपने मन में तुपक का नाम समझ लें।
“धनुषनि” शब्द कहकर “शत्रु” शब्द जोड़ दो और बिना किसी भेदभाव के तुपक के सभी नाम जान लो ।।११२३।।
सबसे पहले 'कोवंदनी' (धनुर्विद्या सेना) शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
अपने मन में हर बूँद का नाम सोचो।
"कोवंदनी" शब्द बोलते हुए अंत में "अरिनी" शब्द जोड़ें और तुपक के सभी नाम जानें।११२४।
चौपाई
सबसे पहले 'इख्वासानी' (धनुर्विद्या सेना) शब्द का उल्लेख करें।
फिर इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
“इक्षु (बाण) आसनी” शब्द बोलकर अंत में “अरिणी” शब्द जोड़कर तुपक के सभी नाम जान लें और आवश्यकतानुसार उनका प्रयोग करें।1125.
सर्वप्रथम 'कर्मुकनी' (बांस धनुष सेना) शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
सर्वप्रथम ‘कारमुकनी’ शब्द बोलकर अंत में ‘अरिणी’ शब्द जोड़ दें और तुपक के सभी नामों को पहचान लें।११२६।
सबसे पहले 'रिपु संतपनि' (शब्द) का पाठ करें।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
पहले ‘रिपुसंतापिनी’ शब्द बोलकर अंत में ‘आरिणी’ शब्द लगाओ और बिना किसी भेदभाव के तुपक के सभी नामों को जान लो ।।1127।।
पहले 'रिपु खंडनानि' (शब्द) बोलें।
(फिर) अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
‘रिपुखण्डनानि’ शब्द बोलकर अन्त में ‘आरिणी’ शब्द लगाओ और तुपक के सभी नाम जानो ।।११२८।।
सर्वप्रथम 'धूल दहनी' (शब्द) का जाप करें।
(फिर) इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
इसे तुपक का नाम समझिए।
सर्वप्रथम ‘दुष्टदहानी’ शब्द बोलकर अंत में ‘अरिणी’ शब्द लगाओ और तुपक के सभी नाम जान लो।।११२९।।
पहले 'रिपु घैणी' शब्द बोलो।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझिए।
सर्वप्रथम ‘रिपु-घयानि’ शब्द बोलकर अंत में ‘अरिणी’ शब्द जोड़ दें तथा इच्छानुसार प्रयोग करने के लिए तुपक के सभी नाम जान लें।1130.
अधिचोल
सबसे पहले 'चापानी' (धनुर्विद्या सेना) शब्द का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
(यह) सब बुद्धिमान! तुपक का नाम समझो।
पहले “चापानी” शब्द बोलकर अंत में “अरिनी” शब्द जोड़ें और तुपक के सभी नाम जान लें।११३१।
सर्वप्रथम 'प्रतांचनी' (धनुष धारी सेना) शब्द का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
अपने मन में उस बूँद का नाम सोचो।
सर्वप्रथम “प्रत्यंचनी” शब्द बोलकर अंत में “अरिणी” शब्द जोड़ दें और तुपक के सभी नाम जान लें।।११३२।।
छंद रूमाल
सबसे पहले शत्रु भजनी (शब्द) का पाठ करें।
फिर 'रिपु' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
पहले शत्रुभंजनि शब्द कहकर उसमें रिपु शब्द जोड़ दो और बिना किसी भेदभाव के तुपक के सभी नाम जान लो।।1133।।
चौपी