पहले 'हरि शक्तिनि' (सिंह-शक्ति सेना) शब्द बोलें।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
इसे हर बूँद दोहराओ।
सर्वप्रथम ‘हरिशकिटनी’ शब्द बोलकर अंत में ‘अर्णिनी’ शब्द जोड़ दें तथा इच्छानुसार प्रयोग करने के लिए तुपक के सभी नाम जान लें।1134.
अधिचोल
सबसे पहले 'बिशिख (तीर) बरसानी' (शब्द) का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
(यह) सब बुद्धिमान लोगों को तुपक नाम को मन में समझ लेना चाहिए।
पहले ‘विषखवर्षाणी’ शब्द बोलकर अंत में ‘अरिणी’ शब्द लगा दें और मन में तुपक के सभी नाम जान लें ।।1135।।
चौपाई
पहले 'बाण बरखनी' (शब्द) का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'आरिनी' (शब्द) जोड़ें।
(इस प्रकार) सभी बूंदों का नाम अवशोषित करें।
पहले ‘बाणवर्षाणी’ शब्द बोलकर अंत में ‘अरिणी’ शब्द लगाओ और तुपक के सभी नाम जान लो।।११३६।।
अधिचोल
सबसे पहले 'बन्नी' शब्द का उच्चारण बिना भूले करें।
इसके अंत में 'अरिनी' शब्द जोड़ें।
अपने मन में एक बूँद का नाम समझो।
पहले लकड़ी “बाणानि” बोलकर अंत में “अरिणी” शब्द जोड़ो और मन में तुपक के सभी नाम जानो ।।११३७।।
चौपाई
सर्वप्रथम पंचानी (धनुर्विद्या सेना) शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) अंत में 'मथानी' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
पंचानी शब्द बोलते हुए अंत में मथानी शब्द जोड़ दें तथा अपनी प्रवृत्ति के अनुसार बोलने के लिए तुपक के सभी नाम जान लें।1138.