इसके अंत में 'अरी' शब्द जोड़ें।
इसे तुपक का नाम समझिए।
‘इम्भाणी’ शब्द का उच्चारण करें और अंत में ‘अरि’ शब्द जोड़ दें, तो सभी कवियों के बोधगम्य नाम बन जाते हैं।1074.
पहले 'भम्भाणी' (हाथी-सेना) शब्द बोलें।
(फिर) इसके अन्त में 'अरि' शब्द को जानो।
इसे सभी बूंदों का नाम समझो।
“कुम्भाणी” शब्द बोलते हुए अंत में “अरि” शब्द जोड़ें और इस प्रकार नियमित पाठ के लिए तुपक के नाम जानें।1075.
अधिचोल
सबसे पहले 'भंजरनी' (हाथी-सेना) शब्द का उच्चारण करें।
फिर अंत में 'अरी' बोलें।
सभी विद्वान मनों में इसे एक बूंद का नाम समझो।
“कुंजरनी” शब्द बोलते हुए अंत में “अरि” शब्द जोड़ दें और बिना किसी भेदभाव के तुपक के सभी नाम जान लें।१०७६।
सबसे पहले मुख से 'करिणी' (हाथी सेना) शब्द बोलें।
(फिर) अन्त में 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
इसे कवि तुपक का नाम मान लीजिए।
‘करिणी’ शब्द बोलकर अंत में ‘शत्रु’ शब्द जोड़ दें तथा इच्छानुसार प्रयोग करने के लिए तुपक के नाम जान लें।1077.
पहले मुख से 'मद्य धारणी' (हाथी-सेना) (शब्द) बोलो।
(फिर) इसके अंत में 'हंता' (हत्यारा) शब्द जोड़ दें।
(इसे) सभी चतुर लोगों को चित्त की एक बूंद का नाम समझना चाहिए।
‘मद्यधार्नानि’ शब्द बोलकर अंत में ‘हंता’ शब्द लगाओ और तुपक के सभी नाम जान लो ।।१०७८।।
सबसे पहले 'सिंधुर्णी' (हाथी-सेना) शब्द का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'शत्रु' शब्द जोड़ें।
सब कवि तुपक का नाम मन में जानो।
पहले “सिंधुर्णी” शब्द बोलकर अंत में “शत्रु” शब्द लगा दें और बिना किसी भेदभाव के तुपक के सभी नाम जान लें ।।१०७९।।
सबसे पहले मुख से 'अंकापाणि' (हाथी-सेना) शब्द बोलें।
(फिर) इसके अंत में 'शत्रु' शब्द जोड़ो।
(यह) सभी चतुर पुरुषों को अपने मन में एक बूंद का नाम समझना चाहिए।
अपने मुख से ‘अनिकपाणि’ शब्द का उच्चारण करें, फिर अंत में ‘शतु’ शब्द जोड़ें और तुपक के सभी नामों को जानकर उन्हें इच्छानुसार बोलें।।१०८०।।
सबसे पहले मुख से 'नागनी' (हाथी-सेना) शब्द का उच्चारण करें।
(फिर) इसके अंत में 'शत्रु' शब्द जोड़ो।
(इसे) समस्त सुघड़-जन तुपक का नाम समझना चाहिए।
सबसे पहले “नागिनी” शब्द बोलकर अंत में “शत्रु” शब्द जोड़ दें और बिना किसी भेदभाव के तुपक के सभी नाम जान लें1081।
पहले मुख से 'हारिणी' (गज सेना) (शब्द) बोलें।
इसके अंत में 'शत्रु' शब्द जोड़ें।
इसे उस सर्वज्ञ बूँद का नाम समझो।
इच्छित उपयोग के लिए तुपक का नाम जानें, “हरनि” शब्द बोलें और फिर उसमें “शत्रु” शब्द जोड़ें।१०८२।
पहले मुख से 'गजनी' (हाथी-सेना) शब्द का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'शत्रु' शब्द जोड़ें।
सभी चतुर लोग इसे एक बूँद का नाम समझें।
पहले गजनी शब्द बोलकर शत्रु शब्द जोड़ें और इस प्रकार इच्छित उपयोग के लिए तुपक के नाम जानें।।१०८३।।
चौपाई
पहले 'सवजनी' (हाथी-सेना) शब्द का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'ari' शब्द जोड़ें।
इसे सभी बूंदों का नाम समझिए।
“सावजानी” शब्द बोलते हुए अंत में “अरि” शब्द जोड़ें और तुपक के सभी नाम जान लें।१०८४।
सबसे पहले 'मातंगनी' (हाथी-सेना) शब्द का उच्चारण करें।
इसके अंत में 'ari' शब्द जोड़ें।
(यह) सभी बूंदों का नाम होगा।