कोई भी दूसरे के रास्ते पर नहीं चलेगा
एक तो स्थापित धार्मिक मार्गों का अनुसरण करेंगे और एक दूसरे की बातों का विरोध करेंगे।
सारी पृथ्वी पापों के बोझ से दब जाएगी
पृथ्वी वजन के नीचे दब जाएगी और कोई भी धार्मिक सिद्धांतों का पालन नहीं करेगा
घर-घर जाकर अधिक से अधिक वोट होंगे
हर घर में अलग-अलग मान्यताएं होंगी और कोई भी केवल एक ही धर्म का पालन नहीं करेगा।8.
दोहरा
हर घर में अलग-अलग मान्यताएं होंगी, कोई भी सिर्फ एक ही मान्यता का पालन नहीं करेगा
पाप का प्रचार बहुत बढ़ जाएगा और कहीं भी धर्म नहीं रहेगा।
चौपाई
पूरा राष्ट्र हाइब्रिड बन जाएगा
प्रजा वर्णसंकर हो जाएगी और सम्पूर्ण विश्व में कोई क्षत्रिय दिखाई नहीं देगा
हर कोई ऐसा निर्णय लेगा
सब ऐसे काम करेंगे कि सब शूद्र हो जायेंगे।10.
हिन्दू और मुस्लिम दोनों धर्मों को त्यागकर,
हिंदू धर्म और इस्लाम का त्याग हो जाएगा और हर घर में अलग-अलग मान्यताएं होंगी
कोई भी एक पक्ष की सलाह नहीं लेगा
कोई किसी के विचार नहीं सुनेगा, कोई किसी के साथ नहीं रहेगा।11.
(सब) अपने को परब्रह्म कहेंगे
सभी अपने आप को प्रभु घोषित करेंगे और कोई भी छोटा व्यक्ति बड़े व्यक्ति के सामने सिर नहीं झुकाएगा
हर घर में हर किसी की अपनी राय होगी
हर घर में ऐसे लोग पैदा होंगे जो खुद को राम घोषित करेंगे।12.
भूलकर भी कोई पुराण नहीं पढ़ेगा
कोई भूलकर भी पुराण नहीं पढ़ेगा और पवित्र कुरान को हाथ में नहीं लेगा
जो कोई वेदों या कतेब्स (सेमिटिक धार्मिक पुस्तकें) को हाथ में लेता है,
जो वेद और कतेबों को पकड़ लेगा, उसे गोबर की आग में जलाकर मार दिया जाएगा।13.
दुनिया में पाप की कहानी चलती रहेगी
पाप की कहानी पूरी दुनिया में प्रचलित हो जाएगी और धर्म लोगों के दिलों से भाग जाएगा
घर-घर अलग-अलग राय प्रचलित होगी
घरों में अलग-अलग मान्यताएं होंगी, जिससे धर्म और प्रेम खत्म हो जाएंगे।14.
एक के वोट से बनेगा नेता इस तरह
ऐसी धारणाएं प्रचलित हो जाएंगी कि सभी शूद्र बन जाएंगे
छतरी और ब्राह्मण नहीं होंगे
क्षत्रिय और ब्राह्मण नहीं रहेंगे तथा सारी प्रजा वर्णसंकर हो जायेगी।15.
ब्राह्मण शूद्र के घर में रहेगा
ब्राह्मण-स्त्रियाँ शूद्रों के साथ रहेंगी
छतरी के घर में रहेंगी वैश्य महिलाएं
वैश्य-स्त्रियाँ क्षत्रियों के घर में, क्षत्रिय-स्त्रियाँ वैश्यों के घर में निवास करेंगी, शूद्र-स्त्रियाँ ब्राह्मणों के घर में रहेंगी।16.
लोग एक धर्म का पालन नहीं करेंगे
प्रजा केवल एक ही धर्म का पालन नहीं करेगी, तथा हिंदू धर्म और सेमेटिक धर्म दोनों के शास्त्रों की अवज्ञा होगी
घर-घर अलग-अलग राय होगी
विभिन्न घरों में विभिन्न धर्म प्रचलित होंगे और कोई भी एक ही मार्ग का अनुसरण नहीं करेगा।17.
गीता मालती छंद
एक व्यक्ति घर-घर जाकर अलग-अलग मतों को प्रचारित करेगा।
जब हर घर में विभिन्न धर्मों का बोलबाला होगा और सभी अपने-अपने गौरव से चलेंगे तथा कोई भी किसी दूसरे के सामने झुकेगा नहीं।
फिर हर महीने अधिक से अधिक नये वोट जुटाये जायेंगे।
हर वर्ष नये धर्मों का जन्म होगा और लोग भूलकर भी देवी-देवताओं, पितरों और पीरों की पूजा नहीं करेंगे।
देवी-देवताओं और पीरों को भूलकर लोग खुद को भगवान कहेंगे