सबसे पहले 'हरिज अरि रवानिनी' (चंद्रमा के संबंध में, जो सूर्य का पुत्र है, जो दिन का पुत्र है और जो अंधेरी रात में रमणीय है) कहें।
(फिर) 'सुतरु चार पति' शब्द जोड़ें।
इसके अंत में 'शत्रु' पद का पाठ करें।
सर्वप्रथम “हरिजा-अरी-रमणानि” शब्द बोलकर “सच्चर-पति” शब्द जोड़ें, फिर “शत्रु” शब्द जोड़ें और तुपक के सभी नाम जानें।।९५८।।
सर्वप्रथम 'तिमरियारी' (सूर्य की अंधेरी रात) के साथ 'रवन्नी' पद का पाठ करें।
(फिर) 'सुत चार नायक' शब्द जोड़ें।
इसके अंत में 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले ‘निमिर-रमणानि’ शब्द बोलकर, ‘सत्चार-नायक-शत्रु’ शब्द जोड़कर तुपक के सब नाम जान ले ।।९५९।।
पहले 'हरिजरी' (दिन की अंधेरी रात) रावणिनी' का पाठ करें।
(फिर 'जा चार नायक' श्लोक जोड़ें)
फिर 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले ‘हरजारि-रमणं’ शब्द बोलकर, ‘जचर-नायक-शत्रु’ शब्द जोड़कर तुपक के सभी नाम जान लें।।९६०।।
सबसे पहले 'रविजिरी रवनिनि' (शब्द) का पाठ करें।
फिर 'जा चार पति' शब्द जोड़ें।
फिर 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले ‘रविजारि-रमणं’ शब्द बोलकर, ‘जाचार-पति-शत्रु’ शब्द जोड़कर तुपक के सभी नाम जान लें ।।९६१।।
पहले 'भानुज अरि' (सूर्य के पुत्र की रात्रि) का पाठ करें, फिर 'रवनि' (आनंद लेने वाली) का पाठ करें।
(फिर) 'जा चार नायक' शब्द जोड़ें।
फिर 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले ‘भानुज-अरि’ शब्द बोलकर, फिर ‘रमन’ शब्द जोड़कर, फिर ‘जाचार-नायक-शत्रु’ शब्द जोड़कर, इस प्रकार तुपक के सभी नाम जान लें।।९६२।।
सबसे पहले पद 'सूरजरि रवानी' का पाठ करें।
(फिर) 'जा चार नायक' शब्द जोड़ें।
फिर 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले ‘सूर्यअरीरमन’ शब्द कहकर ‘जाचारनायकशतु’ शब्द बोलें और मन में तुपक के नामों को जानें।
सर्वप्रथम 'भानुजारि रवानिनी' श्लोक का पाठ करें।
फिर 'सुत चार पति' श्लोक जोड़ें।
फिर 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले ‘भंजरी-रमण’ शब्द कहकर ‘सत्चार-पति-शत्रु’ शब्द बोले और तुपक के सब नाम जान ले ।।९६४।।
अधिचोल
सबसे पहले 'दिंधुज अरि रव्निनि' (शब्द) का उच्चारण करें।
(फिर) 'जय चार नाथ' शब्द जोड़ें।
इसके अंत में 'शत्रु' शब्द बोलें।
“दिण्डवजऱि-रमणन्” शब्द का उच्चारण करते हुए “जाचार-नाथ-शत्रु” शब्द बोलो और तुपक के सभी नामों को जानो ।।९६५।।
सबसे पहले 'दिनराजी अरी रवनिनि' (शब्द) का पाठ करें।
फिर 'जय चार नाथ' शब्द जोड़ें।
इसके अंत में 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले ‘दीन-राज-रमणानि’ शब्द कहकर ‘जाचार-नाथ-शत्रु’ शब्द बोले और तुपक के सभी नामों पर विचार करें।।९६६।।
चौपाई
सर्वप्रथम 'दिनिस अरि रवानिनी' (शब्द) का पाठ करें।
(फिर) 'जा चार नायक' शब्द जोड़ें।
फिर 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले “दिनस-अरि-रमणं” शब्द कहकर, “जाचार-नायक-शत्रु” शब्द बोलें, तुपक के सभी नाम जानें ।।९६७।।
सबसे पहले 'तम अरि जारी (सूर्य से उत्पन्न दिन, अंधकार का शत्रु, रात्रि, उसका शत्रु, उसे मोहित करने वाला चंद्रमा) रावणिनी' श्लोक का पाठ करें।
(फिर) 'जा चार नायक' शब्द जोड़ें।
फिर अंत में 'शत्रु' शब्द का उच्चारण करें।
पहले ‘तम-अरिजरी-रमणं’ शब्द बोलकर अंत में ‘जाचार, नायक और शत्रु’ शब्द जोड़ दें और तुपक के सभी नाम जान लें ।।९६८।।
पहले 'चन्द्र जोंनि' (चन्द्रमा के समान नदी वाली भूमि) बोलो।
(फिर) 'जा चार नायक' शब्द जोड़ें।