(लड़की की शादी से पहले उसे गहनों और आभूषणों से सजाया जाता है) और उस पर पड़ने वाली सूर्य की किरणें उसे और भी सुंदर बना देती हैं। उसकी सहेलियाँ उसे और भी सजाने के लिए आती हैं।
उसके शरीर पर जड़ी-बूटियों, तेल और नमक का लेप लगाया जाता है, बालों में सुगंध और तेल से मालिश की जाती है और फिर गुनगुने पानी से शैम्पू किया जाता है। फिर उसका शरीर सोने की तरह चमकने लगता है।
बालों को फूलों से सजाकर, शरीर पर सुगन्धित व सुगंधित मिश्रण का लेप लगाने से रोमांस व प्रेम की भावना जागृत होती है।
सुन्दर वस्त्र पहनकर, दर्पण में अपना सुन्दर रूप देखकर, वह अपने प्रिय पति के शयन-शयन पर लेट जाती है। तब उसका भटकता हुआ मन फिर भटकना बंद कर देता है, तथा स्थिर होकर शान्त हो जाता है। (३४६)