कबित सव्ये भाई गुरदास जी

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ਨਹੀਂ ਦਦਸਾਰ ਪਿਤ ਪਿਤਾਮਾ ਪਰਪਿਤਾਮਾ ਸੁਜਨ ਕੁਟੰਬ ਸੁਤ ਬਾਧਵ ਨ ਭ੍ਰਾਤਾ ਹੈ ।
नहीं ददसार पित पितामा परपितामा सुजन कुटंब सुत बाधव न भ्राता है ।

पितृवंशीय पदानुक्रम में कोई एक सम्बन्धी नहीं होता; चाहे वह दादा हो, परदादा हो या परिवार का कोई अन्य पुत्र, वार्ड या भाई हो;

ਨਹੀ ਨਨਸਾਰ ਮਾਤਾ ਪਰਮਾਤਾ ਬਿਰਧਿ ਪਰਮਾਤਾ ਮਾਮੂ ਮਾਮੀ ਮਾਸੀ ਔ ਮੌਸਾ ਬਿਬਿਧ ਬਿਖਾਤਾ ਹੈ ।
नही ननसार माता परमाता बिरधि परमाता मामू मामी मासी औ मौसा बिबिध बिखाता है ।

इसी प्रकार कोई भी रिश्ता नहीं है, चाहे वह माँ हो, दादी हो या परदादी हो, मामा हो, मौसी हो या कोई अन्य मान्यता प्राप्त रिश्ता हो;

ਨਹੀ ਸਸੁਰਾਰ ਸਾਸੁ ਸੁਸਰਾ ਸਾਰੋ ਅਉਸਾਰੀ ਨਹੀ ਬਿਰਤੀਸੁਰ ਮੈ ਜਾਚਿਕ ਨ ਦਾਤਾ ਹੈ ।
नही ससुरार सासु सुसरा सारो अउसारी नही बिरतीसुर मै जाचिक न दाता है ।

और ससुराल में सास, देवर, ननद का कोई रिश्ता नहीं होता, न ही उनका कोई पुरोहित, दानी, भिखारी का रिश्ता होता है।

ਅਸਨ ਬਸਨ ਧਨ ਧਾਮ ਕਾਹੂ ਮੈ ਨ ਦੇਖਿਓ ਜੈਸਾ ਗੁਰਸਿਖ ਸਾਧਸੰਗਤ ਕੋ ਨਾਤਾ ਹੈ ।੧੦੦।
असन बसन धन धाम काहू मै न देखिओ जैसा गुरसिख साधसंगत को नाता है ।१००।

न ही मित्रों और निकट सहयोगियों के बीच ऐसा कोई रिश्ता देखा गया है जो एक साथ खाना-पीना साझा करते हों, जैसा सिख संगत और सिख के बीच होता है। (100)