जिस प्रकार समुद्र में हीरे-मोती के खजाने पाए जाते हैं, किन्तु इन बहुमूल्य पत्थरों को समुद्र की गहराई में गोता लगाने वाला अनुभवी मूल्यांकनकर्ता ही उन्हें वहां से निकालने का सुख निश्चित रूप से प्राप्त कर सकता है।
जिस प्रकार पहाड़ों में हीरे, माणिक और पारस पत्थर होते हैं, जो धातुओं को शुद्ध करके सोना बना सकते हैं, लेकिन केवल एक कुशल उत्खननकर्ता ही उन्हें दुनिया के सामने ला सकता है।
जिस प्रकार जंगल में चंदन, कपूर आदि अनेक सुगंधित वृक्ष होते हैं, परंतु केवल एक इत्र विशेषज्ञ ही उनकी सुगंध को बाहर ला सकता है।
इसी प्रकार गुरबाणी में सभी बहुमूल्य वस्तुएं हैं, लेकिन जो कोई भी उनकी खोज और शोध करेगा, उसे उन वस्तुओं की प्राप्ति होगी जिनकी वह इतनी चाहत रखता है। (546)